DivyayogAshram प्रस्तुत करता है — संहार भैरव तंत्रः साधना से सिद्धि तक।
क्या आपके जीवन में बार-बार बाधाएँ आ रही हैं? क्या कठिन परिस्थितियाँ आपका आत्मविश्वास कमजोर कर रही हैं? क्या आप भगवान भैरव की साधना को व्यवस्थित रूप से समझना चाहते हैं?
यह ईबुक संहार भैरव के आध्यात्मिक स्वरूप, मंत्रजप, साधना नियमों और विशेष प्रार्थना विधियों का विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान करती है। इसमें परिवार, रोजगार, व्यापार, आर्थिक चिंताओं, सामाजिक विरोध और जीवन की विभिन्न परिस्थितियों से संबंधित साधनाएँ शामिल हैं।
तीन भाषाओं में उपलब्ध — हिंदी, अंग्रेजी और मराठी।
Samhara Bhairava Tantra Ebook की कीमत और विवरण
| भाषा | कुल पृष्ठ | कीमत |
|---|---|---|
| हिंदी | 391 | ₹149/- |
| English | 472 | ₹199/- |
| मराठी | 407 | ₹149/- |
प्रारूप: डिजिटल ईबुक / PDF
प्रकाशक: DivyayogAshram
सहायता: WhatsApp – 7710812329
वेबसाइट: www.divyayogastore.com
संहार भैरव तंत्र क्या है?
संहार भैरव भगवान शिव के उग्र और रक्षक स्वरूप से संबंधित आध्यात्मिक उपासना का विषय हैं। तांत्रिक परंपराओं में संहार का अर्थ केवल बाहरी विनाश नहीं है। इसका आध्यात्मिक अर्थ अज्ञान, अहंकार, भय और नकारात्मक प्रवृत्तियों का त्याग भी है। संहार भैरव साधना श्रद्धा, आत्मसंयम, मंत्रजप और अनुशासित जीवन की प्रेरणा देती है।
इस ईबुक में इन्हीं विषयों को सरल हिंदी में समझाया गया है। पाठक साधना की तैयारी से लेकर समापन तक आवश्यक प्रक्रियाओं का अध्ययन कर सकते हैं। यह पुस्तक नए साधकों को मूल जानकारी देती है। अनुभवी उपासक भी इसे अध्ययन और संदर्भ सामग्री के रूप में उपयोग कर सकते हैं।
Samhara Bhairava Tantra Ebook क्यों पढ़ें?
- हर साधक के जीवन में कभी न कभी कठिन परिस्थितियाँ आती हैं।
- कभी परिवार की चिंता सताती है। कभी नौकरी या व्यापार में असफलताएँ मन को परेशान करती हैं।
- ऐसे समय में आध्यात्मिक अनुशासन व्यक्ति को धैर्य और आत्मचिंतन का अवसर दे सकता है।
- संहार भैरव तंत्र ईबुक साधना को केवल मंत्रों तक सीमित नहीं रखती।
- यह संकल्प, शुद्धि, ध्यान, न्यास, जप और दैनिक जीवन में सदाचार का महत्व भी समझाती है।
- पुस्तक का उद्देश्य साधक को व्यवस्थित अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना है।
संहार भैरव तंत्र ईबुक की प्रमुख विशेषताएँ
- भगवान संहार भैरव के दिव्य स्वरूप और आध्यात्मिक महत्व का परिचय।
- साधना प्रारंभ करने के नियम, मुहूर्त और आवश्यक सामग्री की जानकारी।
- मंत्र शुद्धि, संकल्प और विनियोग की सरल व्याख्या।
- दिग्बंध और रक्षा विधान का क्रमबद्ध विवरण।
- ऋष्यादि न्यास, करन्यास और अंगन्यास का परिचय।
- संहार भैरव ध्यान और मूल मंत्र साधना की विधि।
- अचानक संकट और अनहोनी में रक्षा प्रार्थना का अभ्यास।
- पारिवारिक सुरक्षा और घर की शांति से संबंधित साधना।
- नजरदोष तथा पारंपरिक तंत्रबाधा संबंधी धार्मिक मान्यताओं की चर्चा।
- सामाजिक विरोध और झूठे आरोपों में धैर्य तथा न्याय की प्रार्थना।
- नौकरी प्राप्ति, रोजगार सुरक्षा और पदोन्नति संबंधी साधना।
- व्यापार सुरक्षा, ग्राहक वृद्धि और आय-वृद्धि की प्रार्थना।
- आर्थिक संकट, ऋण दबाव और रुके धन से संबंधित अध्याय।
- विवाह बाधा, पारिवारिक कलह और संबंधों में सामंजस्य की साधना।
- संहार भैरव महाअनुष्ठान और साधना समापन का विस्तृत मार्गदर्शन।
संहार भैरव मूल मंत्र
ॐ भ्रं संहार भैरवाय क्लीं नमः॥
मंत्र का आध्यात्मिक भावार्थ
- यह मंत्र भगवान संहार भैरव के प्रति श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करता है।
- साधक इस मंत्र के माध्यम से साहस, विवेक, मानसिक स्थिरता और आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना कर सकता है।
- पुस्तक में मूल मंत्र के साथ विभिन्न उद्देश्यों की प्रार्थना-आधारित मंत्र विधियाँ भी प्रस्तुत हैं।
- इन विधियों को संबंधित अध्यायों के निर्देश और गुरु मार्गदर्शन के अनुसार समझना चाहिए।
संहार भैरव साधना में आवश्यक सामग्री
- पुस्तक में साधना सामग्री के आध्यात्मिक और पारंपरिक उपयोग की जानकारी दी गई है।
- प्रमुख सामग्री में संहार भैरव यंत्र, मंत्र माला, सिद्ध पारद गुटिका और रक्षा कवच शामिल हैं।
- इसके अतिरिक्त रक्षा सूत्र, आसन, दीपक, पुष्प, अक्षत और जल का उपयोग बताया गया है।
- कुछ विशेष साधनाओं में कौड़ी, गोमती चक्र और चिरमी दाने का भी उल्लेख मिलता है।
- सभी सामग्री प्रत्येक साधना के लिए अनिवार्य नहीं है।
- सामग्री का चयन संबंधित विधि, व्यक्तिगत परिस्थिति और गुरु निर्देश के अनुसार करना चाहिए।
सिद्ध साधना सामग्री का महत्व
- परंपरागत मान्यताओं में यंत्र ध्यान और उपासना का केंद्र माना जाता है।
- मंत्र माला नियमित जप और मंत्र संख्या का अनुशासन बनाए रखने में सहायता करती है।
- रक्षा कवच और रक्षा सूत्र श्रद्धा तथा आध्यात्मिक संकल्प के प्रतीक माने जाते हैं।
- इन वस्तुओं से किसी निश्चित परिणाम की वैज्ञानिक या व्यावहारिक गारंटी नहीं मिलती।
पुस्तक के 25 अध्यायों में क्या मिलेगा?
अध्याय 1 से 5 — साधना का आध्यात्मिक आधार
- प्रारंभिक अध्याय संहार भैरव के स्वरूप, साधना नियमों और आवश्यक तैयारियों पर केंद्रित हैं।
- इनमें मंत्र शुद्धि, संकल्प, विनियोग, न्यास और ध्यान की जानकारी शामिल है।
- साधक मूल मंत्रजप और साधना सामग्री के पारंपरिक उपयोग को समझ सकता है।
अध्याय 6 से 14 — सुरक्षा और संकट संबंधी साधना
- इन अध्यायों में अचानक संकट, पारिवारिक चिंता और घर की अशांति से संबंधित प्रार्थनाएँ हैं।
- नजरदोष, तंत्रबाधा और अज्ञात नकारात्मक प्रभावों को पारंपरिक धार्मिक दृष्टिकोण से समझाया गया है।
- सामाजिक विरोध, बदनामी और कानूनी विवादों में न्याय तथा आत्मबल की प्रार्थना भी शामिल है।
- भय और रात्रिकालीन चिंता से संबंधित ध्यान एवं मंत्रजप की जानकारी दी गई है।
अध्याय 15 से 21 — रोजगार, व्यापार और आर्थिक विषय
- यह भाग नौकरी प्राप्ति, कार्यस्थल विरोध और पदोन्नति से संबंधित साधनाओं का परिचय देता है।
- व्यापार सुरक्षा, ग्राहक वृद्धि और व्यवसाय की बाधाओं पर अलग-अलग अध्याय उपलब्ध हैं।
- रुके धन, ऋण दबाव और आर्थिक संकट में आध्यात्मिक प्रार्थना की विधियाँ भी दी गई हैं।
- भूमि, मकान और संपत्ति संबंधी चिंताओं पर विशेष अध्याय शामिल है।
अध्याय 22 से 25 — परिवार, विवाह और महाअनुष्ठान
- इन अध्यायों में पति-पत्नी के विवाद और पारिवारिक सामंजस्य की प्रार्थना शामिल है।
- विवाह बाधा और बार-बार संबंध टूटने की परिस्थितियों पर विशेष साधना प्रस्तुत है।
- रुके कार्य और बार-बार असफलता में धैर्य तथा सकारात्मक कर्म का महत्व समझाया गया है।
- अंतिम अध्याय संहार भैरव महाअनुष्ठान और साधना समर्पण पर केंद्रित है।
यह ईबुक किन लोगों के लिए उपयोगी है?
- यह पुस्तक भगवान शिव और भैरव उपासना में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए तैयार की गई है।
- जो व्यक्ति मंत्रजप की मूल प्रक्रिया समझना चाहते हैं, उन्हें इसमें व्यवस्थित जानकारी मिलेगी।
- तंत्र साहित्य के विद्यार्थी भी इसे विषयगत परिचय के रूप में पढ़ सकते हैं।
- गृहस्थ साधक परिवार, रोजगार और जीवन की चुनौतियों से संबंधित प्रार्थनाओं का अध्ययन कर सकते हैं।
- नियमित उपासना करने वाले साधकों के लिए यह संदर्भ पुस्तक उपयोगी हो सकती है।
- दीक्षा आधारित या जटिल अनुष्ठानों के लिए योग्य गुरु का मार्गदर्शन आवश्यक है।
तीन भाषाओं में संहार भैरव तंत्र ईबुक
हिंदी संस्करण — 391 पृष्ठ | ₹149/-
- हिंदी पाठकों के लिए यह संस्करण सरल और भावपूर्ण भाषा में तैयार किया गया है।
- इसमें मंत्र, साधना नियम, प्रार्थनाएँ और संबंधित विधियों का विस्तृत वर्णन है।
English Edition — 472 Pages | ₹199/-
- अंग्रेजी पाठकों के लिए यह संस्करण आध्यात्मिक अवधारणाओं और साधना प्रक्रियाओं को समझने में सहायता करता है।
- यह भारत के बाहर रहने वाले भैरव भक्तों के लिए भी उपयोगी अध्ययन सामग्री है।
मराठी आवृत्ती — 407 पाने | ₹149/-
- मराठी भाषिक साधकांसाठी ही आवृत्ती सहज समजेल अशा भाषेत तयार केली आहे.
- यामध्ये मंत्रजप, साधना नियम आणि आध्यात्मिक प्रार्थनांचे मार्गदर्शन दिले आहे.
DivyayogAshram से ईबुक खरीदने के लाभ
- DivyayogAshram आध्यात्मिक अध्ययन, मंत्र साधना और धार्मिक मार्गदर्शन से संबंधित सामग्री प्रस्तुत करता है।
- यह ईबुक एक ही स्थान पर 25 विषयगत अध्याय उपलब्ध कराती है।
- पाठक अपनी पसंदीदा भाषा चुन सकते हैं। डिजिटल प्रारूप के कारण पुस्तक को मोबाइल या कंप्यूटर पर पढ़ा जा सकता है।
- साधना से संबंधित सामान्य जानकारी और खरीद संबंधी सहायता के लिए संपर्क सुविधा उपलब्ध है।
WhatsApp एवं Arattai सहायता: 7710812329
ईबुक कैसे खरीदें?
- आधिकारिक वेबसाइट www.divyayogastore.com खोलें।
- ईबुक श्रेणी में संहार भैरव तंत्र पुस्तक खोजें।
- हिंदी, अंग्रेजी या मराठी संस्करण चुनें।
- संबंधित पुस्तक का विवरण और कीमत जाँचें।
- उपलब्ध भुगतान प्रक्रिया के अनुसार ऑर्डर पूरा करें।
- डिजिटल पुस्तक प्राप्त करने के लिए वेबसाइट पर दिए गए निर्देशों का पालन करें।
खरीद से पहले डिजिटल उत्पादों की लागू रिफंड नीति अवश्य पढ़ें।
संहार भैरव तंत्र ईबुक – महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर
FAQ 1. संहार भैरव तंत्र ईबुक में कितने अध्याय हैं?
इस पुस्तक में कुल 25 अध्याय हैं। इनमें मूल मंत्र, साधना नियम, ध्यान और विभिन्न जीवन परिस्थितियों से संबंधित प्रार्थनाएँ शामिल हैं।
FAQ 2. क्या नए साधक यह ईबुक पढ़ सकते हैं?
हाँ। नए साधक इसे आध्यात्मिक अध्ययन और सामान्य जानकारी के लिए पढ़ सकते हैं। विशेष अनुष्ठान योग्य गुरु के मार्गदर्शन में करें।
FAQ 3. क्या पुस्तक में संहार भैरव का मूल मंत्र दिया गया है?
हाँ। इसमें मूल मंत्र ॐ भ्रं संहार भैरवाय क्लीं नमः॥ दिया गया है। संबंधित साधना विधियाँ भी समझाई गई हैं।
FAQ 4. संहार भैरव तंत्र ईबुक किन भाषाओं में उपलब्ध है?
यह ईबुक हिंदी, अंग्रेजी और मराठी में उपलब्ध है। हिंदी में 391, अंग्रेजी में 472 और मराठी में 407 पृष्ठ हैं।
FAQ 5. क्या इस ईबुक से नौकरी, व्यापार या आर्थिक सफलता निश्चित मिलेगी?
नहीं। पुस्तक आध्यात्मिक अभ्यास और प्रार्थना का मार्गदर्शन देती है। वास्तविक सफलता के लिए उचित निर्णय और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
FAQ 6. क्या साधना के लिए यंत्र, माला और कवच खरीदना अनिवार्य है?
नहीं। सामग्री का उपयोग संबंधित साधना और गुरु निर्देश पर निर्भर करता है। श्रद्धा और अनुशासन साधना के महत्वपूर्ण आधार हैं।
FAQ 7. ईबुक खरीदने या सहायता के लिए कहाँ संपर्क करें?
आप www.divyayogastore.com पर पुस्तक देख सकते हैं। सहायता के लिए WhatsApp या Arattai पर 7710812329 संपर्क करें।
आज ही संहार भैरव तंत्र ईबुक प्राप्त करें
- आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत ज्ञान, श्रद्धा और अनुशासन से होती है।
- भगवान संहार भैरव की उपासना को समझने के लिए व्यवस्थित अध्ययन महत्वपूर्ण है।
- यह ईबुक साधना के आध्यात्मिक आधार से लेकर विशेष मंत्र प्रयोगों तक विषयगत मार्गदर्शन प्रस्तुत करती है।
- यदि आप भैरव साधना का अध्ययन करना चाहते हैं, तो अपनी पसंदीदा भाषा का संस्करण चुनें।
हिंदी ईबुक: ₹149/- | 391 पृष्ठ
English EBook: ₹199/- | 472 Pages
मराठी ईबुक: ₹149/- | 407 पृष्ठ
अभी खरीदें: www.divyayogastore.com
सहायता: WhatsApp एवं Arattai – 7710812329
प्रकाशक: DivyayogAshram






