Alternative Healing Ebooks | Astrology Ebook | Attraction & Antiaging Ebook | Bhairav Sadhana Ebook | Devi Sadhana Ebook | Ganesh Sadhana Ebook | Guru & Nath Ebook | Hanuman Sadhana Ebook | Kundalini Ebook |
Support: 91 7710812329. WhatsApp

Mata bagalamukhi pujan vidhi for strong protection

माता बगलामुखी पूजा :

माता बगलामुखी, दस महाविद्याओं में से एक प्रमुख देवी हैं, जो शक्ति और विजय की प्रतीक मानी जाती हैं। उनका प्रमुख उद्देश्य शत्रुओं का नाश और उनकी शक्तियों को रोकना है। माता बगलामुखी की पूजा विशेष रूप से न्यायालयिक मामलों, शत्रु बाधा, और मुकदमों में विजय प्राप्ति के लिए की जाती है।

माता बगलामुखी स्वरूप:

माता बगलामुखी का स्वरूप पीले रंग का होता है। वे पीले वस्त्र पहनती हैं और पीले फूलों से सुशोभित रहती हैं। उनके एक हाथ में गदा और दूसरे हाथ से शत्रु की जीभ को पकड़ते हुए दर्शाया जाता है, जिससे उनकी शक्ति और वाक् नियंत्रण की शक्ति को प्रदर्शित किया जाता है।

माता बगलामुखी पूजा के लाभ:

  1. शत्रु बाधा निवारण: माता बगलामुखी की पूजा से शत्रुओं की चालें निष्फल होती हैं और उनकी शक्तियाँ स्थिर हो जाती हैं।
  2. विजय प्राप्ति: न्यायालयिक मामलों और मुकदमों में विजय प्राप्त होती है।
  3. सुरक्षा और शांति: जीवन में सुरक्षा और शांति की प्राप्ति होती है।
  4. वाक् सिद्धि: वाणी में सिद्धि प्राप्त होती है और व्यक्ति की वाणी प्रभावशाली हो जाती है।
  5. मनोकामना पूर्ति: माता की कृपा से सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

माता बगलामुखी पूजा की विधि:

  1. पूजा स्थल की तैयारी: पूजा स्थल को स्वच्छ और पवित्र करें। एक चौकी पर पीला वस्त्र बिछाएं।
  2. मूर्ति या चित्र स्थापना: माता बगलामुखी की मूर्ति या चित्र को चौकी पर स्थापित करें।
  3. मंत्र – ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा “OM HLEEM BAGALAMUKHI SARVA DUSHTAANAAM VAACHAM MUKHAM PADAM STAMBHAY JEEVHA KEELAY BUDDHI VINAASHAY HLEEM OM SVAHA”
  4. अभिषेक और अर्पण: माता को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से अभिषेक करें और पीले फूल, हल्दी, चावल, और मिठाई अर्पित करें।
  5. दीप और धूप जलाना: माता के समक्ष दीपक और धूप जलाएं।

पूजा का दिन:

माता बगलामुखी की पूजा के लिए मंगलवार और गुरुवार का दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इसके अतिरिक्त चतुर्दशी तिथि भी माता बगलामुखी की पूजा के लिए श्रेष्ठ होती है।

माता बगलामुखी की पूजा से व्यक्ति शत्रु बाधाओं से मुक्त होकर अपने जीवन में सफलता और शांति प्राप्त कर सकता है। उनकी कृपा से जीवन में विजय और समृद्धि आती है। पूजा विधि का पालन करते हुए श्रद्धा और विश्वास के साथ माता की आराधना करने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।