प्रत्यांगिरा तंत्र: साधना और सिद्धि – भय, बाधा और नकारात्मकता से मुक्ति
Pratyangira Tantra Ebook प्रत्यांगिरा देवी तांत्रिक परंपरा की एक अत्यंत शक्तिशाली और रहस्यमयी ऊर्जा हैं। यह ऊर्जा साधक को भय, बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों से तुरंत सुरक्षा देती है। DivyayogAshram की साधना परंपरा में प्रत्यांगिरा साधना को जीवन बदलने वाली साधना माना गया है क्योंकि यह साधना साधक के मन, ऊर्जा और वातावरण को पूरी तरह शुद्ध कर देती है।
गृहस्थ जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां आती हैं जब व्यक्ति खुद को कमजोर, असुरक्षित या दिशाहीन महसूस करता है। अनचाही बाधाएं, नकारात्मक तरंगें, नजर, विरोधियों का असर या अचानक आने वाले संकट मन की शांति छीन लेते हैं। ऐसे समय में प्रत्यांगिरा साधना साधक को दैवीय कवच प्रदान करती है और उसके भीतर साहस की अग्नि जलाती है।
यह ईबुक 291 पन्नों के माध्यम से साधक को साधना की हर सीढ़ी समझाती है। इसमें देवी का स्वरूप, ऊर्जा क्षेत्र, मंत्र, विधियां, प्रयोग, दिग्बंध, न्यास, आहार, शुद्धि और गृहस्थों के लिये सरल साधना क्रम शामिल है। भाषा पूरी तरह सरल रखी गई है ताकि कोई भी साधक इसे पढ़कर तुरंत साधना शुरू कर सके।
यह पुस्तक साधक के मन को स्थिर करती है, ऊर्जा को जागृत करती है और जीवन में सुरक्षा व सफलता का मार्ग दिखाती है।
Introduction
प्रत्यांगिरा देवी को तांत्रिक परंपराओं में सर्वश्रेष्ठ रक्षा शक्ति माना गया है। यह दिव्य शक्ति साधक को भय, बाधाओं और नकारात्मक तरंगों से तुरंत बचाती है। DivyayogAshram की यह 291 पेज की विस्तृत ईबुक प्रत्यांगिरा साधना को सरल, प्रभावी और समझने योग्य शैली में प्रस्तुत करती है।
यह ईबुक उन गृहस्थ साधकों के लिये तैयार की गई है जो अपने जीवन में सुरक्षा, शांति और ऊर्जा वृद्धि चाहते हैं। पुस्तक में वर्णित विधियां गहरी लेकिन सरल हैं ताकि हर व्यक्ति उन्हें अपने जीवन में सहजता से अपना सके।
ईबुक में प्रत्यांगिरा देवी का स्वरूप, ऊर्जा क्षेत्र, साधना विधि, मंत्र शक्ति, दिग्बंध, न्यास, शुद्धि, आहार और रक्षा प्रयोगों का पूर्ण विवरण दिया गया है। यह ईबुक साधक को भीतर की कमजोरियों से बाहर निकालती है और उसे आत्मविश्वास, साहस और ऊर्जा से भर देती है।
इस पुस्तक की भाषा भावनात्मक, सरल और स्पष्ट है। साधक इसे पढ़कर तुरंत साधना शुरू कर सकता है। यह पुस्तक गृहस्थ जीवन की चुनौतियों को समझती है और उसी दृष्टिकोण से मार्गदर्शन देती है।
प्रत्यांगिरा साधना क्यों आवश्यक है
प्रत्यांगिरा साधना साधक को स्थिरता देती है। यह साधना मन में छिपे भय को खत्म करती है। साधक अपने विचारों को नियंत्रित करना सीखता है। यह साधना उन ऊर्जा अवरोधों को हटाती है जो जीवन में रुकावट बन जाते हैं।
गृहस्थ जीवन में अक्सर तनाव, अनिश्चितता और अदृश्य बाधाएं उत्पन्न होती हैं। यह साधना ऐसे समय में दैवीय सुरक्षा प्रदान करती है। साधक खुद को सुरक्षित महसूस करता है। नकारात्मक तरंगें उसके पास नहीं आतीं।
यह साधना साधक की ऊर्जा को तेज करती है। निर्णय क्षमता बढ़ती है। नींद सुधरती है। परिवार में शांति बढ़ती है। व्यापार और करियर प्रभावित नहीं होते। साधक जीवन को एक नई दृष्टि से देखने लगता है।
291 पेज की इस ईबुक में क्या मिलेगा
इस ईबुक में प्रत्यांगिरा तंत्र का गहन लेकिन सरल ज्ञान है।
मुख्य विषय इस प्रकार हैं
- प्रत्यांगिरा देवी का उद्गम
- देवी का स्वरूप और ऊर्जा क्षेत्र
- साधक की मानसिक तैयारी
- ऊर्जात्मक शुद्धि
- साधना स्थान का चयन
- दिशा और आसन नियम
- उपवास और आहार मार्गदर्शन
- मंत्र शक्ति और जप विधि
- विनियोग, न्यास और दिग्बंध
- गृहस्थ साधकों की विशेष विधि
- 13 दिन और 41 दिन की साधना
- व्यापार और सुरक्षा प्रयोग
- बच्चों और परिवार की रक्षा विधियां
- गुप्त तांत्रिक टोटके
- साधकों के अनुभव
- दैनिक सुरक्षा प्रयोग
यह ईबुक साधना को सरल बनाती है। साधक इसे पढ़कर तुरंत साधना शुरू कर सकता है।
इस ईबुक के लाभ
यह ईबुक साधक को भीतर से मजबूत बनाती है।
लाभ इस प्रकार हैं
- भय और नकारात्मक विचार कम होते हैं
- मन शांत होता है
- ऊर्जा स्थिर रहती है
- घर में शांति आती है
- व्यापार और काम में स्थिरता मिलती है
- अदृश्य बाधाएं टूटने लगती हैं
- साधक आत्मविश्वासी बनता है
DivyayogAshram ने यह पुस्तक सरल भाषा में लिखी है ताकि हर व्यक्ति इसे समझ सके।
- गृहस्थ जीवन को सुरक्षित करने वाली विशेष मंत्र साधना
- अचानक उत्पन्न बाधाओं से रक्षा हेतु त्वरित प्रयोग
- व्यापार और आय वृद्धि में प्रत्यांगिरा ऊर्जा का उपयोग
- शत्रु-बाधा और छुपे विरोधियों से सुरक्षा
साधना विधि का सार
इस ईबुक में वर्णित साधना विधि सरल और प्रभावी है।
साधक को
- सही दिशा
- सही आसन
- सही मंत्र
- सही संकल्प
- शुद्ध आहार
इन बातों का पालन करना चाहिए।
साधना नियमित की जाए तो उसके परिणाम गहरे होते हैं। यह साधना केवल कुछ दिनों में ही साधक के भीतर परिवर्तन लाती है।
गृहस्थ साधकों के लिये विशेष अध्याय
गृहस्थ साधक समय, जिम्मेदारियां और परिस्थितियों के कारण साधना में गहराई नहीं पा पाते।
इस ईबुक में गृहस्थों के लिये
- 10 मिनट साधना
- रात की साधना
- सुबह की शुद्धि
- घर की सुरक्षा विधि
- परिवार हेतु मंत्र
इन सभी का विस्तृत वर्णन है।
ये अध्याय साधना को सरल और प्रभावशाली बनाते हैं।
यह ईबुक किनके लिये है
- गृहस्थ साधक
- ऊर्जा और सुरक्षा चाहने वाले
- व्यापार में बाधा वाले
- नजर दोष से पीड़ित
- नींद और तनाव से परेशान
- आध्यात्मिक रुचि रखने वाले
यह ईबुक हर उम्र और हर पृष्ठभूमि के लिये उपयुक्त है।
महत्वपूर्ण FAQs
1. क्या यह ईबुक शुरुआती साधकों के लिये है
हाँ। भाषा सरल है और विधियां गृहस्थों के लिये बनाई गई हैं।
2. क्या इसमें प्रत्यांगिरा मंत्र की पूरी विधि दी गई है
हाँ। मंत्र, जप संख्या, समय और नियम विस्तार से दिए गए हैं।
3. क्या साधना घर पर की जा सकती है
हाँ। साधना घर में सुरक्षित रूप से की जा सकती है।
4. क्या परिवार पर भी इसका प्रभाव पड़ता है
हाँ। साधना का प्रभाव पूरे घर पर सकारात्मक रूप से पड़ता है।
5. क्या इस पुस्तक में रक्षा टोटके हैं
हाँ। कई सरल और प्रभावी टोटके शामिल हैं।
6. क्या यह ईबुक मोबाइल पर पढ़ी जा सकती है
हाँ। ईबुक सभी मोबाइल और कंप्यूटर पर आसानी से पढ़ी जा सकती है।
7. सहायता कहाँ मिलेगी
आप WhatsApp और Arattai पर 7710812329 से सहायता ले सकते हैं।
अंत मे
“प्रत्यांगिरा तंत्र: साधना और सिद्धि” केवल एक ईबुक नहीं बल्कि साधक के जीवन को सुरक्षित और शक्तिशाली बनाने वाला मार्गदर्शक है। यह पुस्तक साधना को आसान बनाती है, मन को शांत करती है और साधक को दैवीय सुरक्षा प्रदान करती है।
DivyayogAshram की यह 291 पेज की ईबुक आपकी आध्यात्मिक यात्रा को दिशा देती है और आपको हर कदम पर मार्गदर्शन प्रदान करती है।
- Ebook Name: प्रत्यांगिरा तंत्र: साधना और सिद्धि
- Page:291
- Language: Hindi
- Price: 221/-
- WhatsApp Support: 7710812329



