कार्तवीर्यार्जुन तंत्रः खोये हुए व्यक्ति, सुख व वस्तु को पाने की साधना
जीवन में ऐसे क्षण आते हैं, जब सब कुछ होते हुए भी कुछ बहुत महत्वपूर्ण खोया हुआ महसूस होता है। कभी कोई अपना व्यक्ति दूर चला जाता है। कभी घर की शांति धीरे धीरे समाप्त हो जाती है। कभी धन, अवसर या आत्मविश्वास साथ छोड़ देता है।
कार्तवीर्यार्जुन तंत्रः खोये हुए व्यक्ति, सुख व वस्तु को पाने की साधना इसी गहरे अनुभव से जन्मी एक आध्यात्मिक मार्गदर्शिका है। यह ई-बुक किसी डर, अंधविश्वास या चमत्कार के वादे पर आधारित नहीं है। यह पुस्तक मन, चेतना और संकल्प की उस शक्ति को समझाती है, जो हर गृहस्थ व्यक्ति के भीतर पहले से मौजूद होती है।
DivyayogAshram द्वारा प्रस्तुत यह ग्रंथ विशेष रूप से गृहस्थ जीवन को ध्यान में रखकर लिखा गया है। इसमें बताया गया है कि साधना जीवन से भागने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को संभालने की कला है। यह पुस्तक खोये हुए व्यक्ति की आध्यात्मिक अवधारणा, खोई हुई वस्तु और धन के तांत्रिक संबंध, तथा सुख, शांति और स्थिरता की वास्तविक परिभाषा को सरल भाषा में स्पष्ट करती है।
इस ई-बुक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह साधना को भय से नहीं, समझ से जोड़ती है। यहां साधक को नियंत्रित नहीं किया जाता, बल्कि जागरूक बनाया जाता है। यदि आप जीवन में स्थिरता, संतुलन और स्पष्टता की तलाश में हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए एक सुरक्षित और व्यावहारिक मार्गदर्शक सिद्ध हो सकती है।
भूमिका और भावनात्मक परिचय
कभी जीवन में ऐसा समय आता है, जब सब कुछ होते हुए भी कुछ बहुत जरूरी खो गया लगता है। कभी कोई अपना व्यक्ति दूर हो जाता है। कभी घर की शांति टूट जाती है।
कभी धन, अवसर या आत्मविश्वास साथ छोड़ देता है।
कार्तवीर्यार्जुन तंत्र ऐसे ही टूटे हुए क्षणों के लिए बनाया गया एक गूढ़ लेकिन सुरक्षित आध्यात्मिक माध्यम है। यह ई-बुक किसी चमत्कार का लालच नहीं देती। यह आपको स्वयं से जोड़ने का मार्ग दिखाती है।
DivyayogAshram द्वारा प्रस्तुत यह ग्रंथ गृहस्थ जीवन को ध्यान में रखकर लिखा गया है। इसमें डर, उग्रता या अव्यवस्था नहीं है। यह साधना संयम, संतुलन और धैर्य पर आधारित है।
पृष्ठ संख्या: 185
भाषा: सरल और समझने योग्य हिंदी
मूल्य: केवल ₹149
इस ई-बुक में क्या विशेष है
यह ई-बुक केवल साधना विधि नहीं सिखाती।
यह साधना के पीछे की पूरी सोच स्पष्ट करती है।
इस ग्रंथ में आप जानेंगे:
- कार्तवीर्यार्जुन कौन थे और उनकी शक्ति का वास्तविक रहस्य
- खोये हुए व्यक्ति को पाने की आध्यात्मिक अवधारणा
- खोई हुई वस्तु और धन का तांत्रिक संबंध
- सुख, शांति और स्थिरता की तांत्रिक परिभाषा
- गृहस्थ व्यक्ति यह साधना क्यों और कैसे कर सकता है
यह पुस्तक डर पैदा नहीं करती।
यह मन को स्थिर करती है।
यह ई-बुक किन समस्याओं में सहायक है
खोया हुआ व्यक्ति या संबंध
जब कोई अपना भावनात्मक रूप से दूर हो जाए।
संवाद बंद हो जाए।
परिवार बिखरने लगे।
यह साधना व्यक्ति को भीतर से स्थिर करती है।
स्थिरता से संवाद के रास्ते खुलते हैं।
खोई हुई वस्तु या धन
बार-बार वस्तुएं खोना।
धन आकर टिक न पाना।
यह पुस्तक ध्यान और ऊर्जा संतुलन की प्रक्रिया सिखाती है।
मानसिक अशांति और डर
बिना कारण बेचैनी।
भविष्य का भय।
निर्णय लेने में कमजोरी।
यह साधना मन को केंद्र में लाने का माध्यम बनती है।
साधना की विशेषताएं
गृहस्थों के लिए सुरक्षित
इस साधना में कोई उग्र प्रयोग नहीं है।
कोई भयावह नियम नहीं है।
कम समय में संभव
प्रतिदिन सीमित समय में साधना संभव है।
नौकरी और परिवार के साथ तालमेल बना रहता है।
स्पष्ट और सरल विधि
हर चरण विस्तार से समझाया गया है।
कठिन शब्दों से बचा गया है।
साधना का संक्षिप्त स्वरूप
मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं कार्तवीर्यार्जुनाय क्लीं नमः
साधना अवधि
11 दिन
प्रतिदिन 11 माला
आवश्यक सामग्री
- कार्तवीर्यार्जुन यंत्र
- आकर्षण माला
- पारद गुटिका
- कवच
- रक्षा सूत्र
- 21 लाल चिरमी दाने
- सिद्ध गोमती चक्र
- कार्तवीर्यार्जुन अंगूठी
सभी सामग्री का अर्थ और उपयोग पुस्तक में स्पष्ट किया गया है।
इस ई-बुक को कौन पढ़ सकता है
- गृहस्थ पुरुष और महिलाएं
- नौकरीपेशा व्यक्ति
- व्यापारी
- मानसिक तनाव से गुजर रहे साधक
- आध्यात्मिक मार्ग पर संतुलन चाहने वाले
यह पुस्तक संन्यास के लिए नहीं है।
यह जीवन को संभालने के लिए है।
ई-बुक से मिलने वाले लाभ
- मानसिक स्थिरता
- आत्मविश्वास में वृद्धि
- निर्णय क्षमता में सुधार
- पारिवारिक तनाव में कमी
- संवाद की संभावना
- भय और असुरक्षा में कमी
- ध्यान और एकाग्रता में वृद्धि
- धन प्रवाह की समझ
- खोई वस्तु के संकेत
- भावनात्मक संतुलन
- नींद की गुणवत्ता में सुधार
- क्रोध में कमी
- धैर्य की वृद्धि
- आत्मसम्मान की पुनर्स्थापना
- जीवन के प्रति स्पष्ट दृष्टि
साधना अनुभव
अनुभव 1
नाम: नरेश पटेल
शहर: सूरत
साधना के छठे दिन मन हल्का महसूस होने लगा।
ग्यारहवें दिन पुराने पारिवारिक संवाद फिर शुरू हुए।
अनुभव 2
नाम: कविता शर्मा
शहर: जयपुर
महत्वपूर्ण दस्तावेज कई दिनों बाद मिल गए।
मन पहले से अधिक शांत है।
ई-बुक क्यों खरीदें
यह पुस्तक डर नहीं बेचती।
यह समझ देती है।
यह आपको किसी पर निर्भर नहीं बनाती।
यह आपको स्वयं से जोड़ती है।
₹149 में 185 पृष्ठों का यह ग्रंथ
जीवनभर उपयोगी मार्गदर्शन देता है।
मूल्य और सहायता
ई-बुक मूल्य: ₹149
पृष्ठ: 185
भाषा: हिंदी
Support:
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📞 7710812329
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1
क्या यह साधना सुरक्षित है
उत्तर:
हां, यह गृहस्थों के लिए सुरक्षित साधना है।
प्रश्न 2
क्या बिना गुरु के की जा सकती है
उत्तर:
हां, पुस्तक में पूरी विधि दी गई है।
प्रश्न 3
क्या नौकरी के साथ संभव है
उत्तर:
हां, यह साधना जीवन के साथ चलती है।
प्रश्न 4
क्या तुरंत परिणाम मिलते हैं
उत्तर:
परिणाम धीरे और स्थिर रूप से आते हैं।
प्रश्न 5
क्या स्त्री साधक कर सकती हैं
उत्तर:
हां, यह साधना सभी के लिए है।
प्रश्न 6
क्या सामग्री आवश्यक है
उत्तर:
हा! सामग्री साधना की सफलता को बढा देती है।
प्रश्न 7
क्या साधना दोबारा की जा सकती है
उत्तर:
हां, अंतर रखकर पुनः की जा सकती है।
अंतिम भाव
कार्तवीर्यार्जुन तंत्र
उन लोगों के लिए है
जो जीवन से भागना नहीं चाहते।
जो जीवन को समझना चाहते हैं।
DivyayogAshram का यह प्रयास
आपको भीतर से मजबूत बनाने के लिए है।
यदि आप स्थिरता चाहते हैं
तो यह ई-बुक आपके लिए है।



