घृताची अप्सरा रहस्य – साधना और सिद्धी
“घृताची अप्सरा रहस्य – साधना और सिद्धी” एक ऐसा आध्यात्मिक ग्रंथ है, जो आकर्षण शक्ति को केवल बाहरी प्रभाव के रूप में नहीं, बल्कि आंतरिक संतुलन के रूप में समझाता है। यह पुस्तक घृताची अप्सरा के पौराणिक आधार, उनके दिव्य स्वरूप और साधना के वास्तविक उद्देश्य को स्पष्ट करती है। यहाँ आकर्षण को नियंत्रण नहीं, बल्कि मधुरता और व्यक्तित्व विकास के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
इस 229 पृष्ठों की विस्तृत हिंदी ईबुक में साधना की पूरी प्रक्रिया क्रमबद्ध रूप में दी गई है। मंत्र, बीज मंत्र, जप संख्या, अनुष्ठान अवधि, यंत्र स्थापना, पूजन विधि, दिशा नियम और साधना के लक्षण विस्तार से समझाए गए हैं। भाषा सरल रखी गई है ताकि हर साधक इसे समझ सके।
DivyayogAshram द्वारा प्रस्तुत यह ग्रंथ भावनात्मक और आध्यात्मिक संतुलन की दिशा में एक सशक्त माध्यम है। यह केवल ज्ञान नहीं देता, बल्कि अभ्यास का स्पष्ट मार्ग भी दिखाता है। यदि आप अपने व्यक्तित्व में सौम्यता, आत्मविश्वास और सकारात्मक आकर्षण विकसित करना चाहते हैं, तो यह पुस्तक आपकी साधना यात्रा का विश्वसनीय साथी बन सकती है।
यदि आप आकर्षण शक्ति, मधुर व्यक्तित्व और संतुलित दांपत्य जीवन की साधना खोज रहे हैं, तो यह ग्रंथ आपके लिए है।
“घृताची अप्सरा रहस्य – साधना और सिद्धी” एक गहन आध्यात्मिक मार्गदर्शिका है।
यह पुस्तक केवल कथा नहीं, बल्कि व्यवस्थित साधना माध्यम प्रदान करती है।
यह 229 पृष्ठों की विस्तृत हिंदी ईबुक है।
मूल्य मात्र 149 रुपये रखा गया है।
यह ग्रंथ साधकों के लिए सरल भाषा में लिखा गया है।
DivyayogAshram द्वारा प्रस्तुत यह पुस्तक पौराणिक आधार और तांत्रिक दृष्टिकोण दोनों को जोड़ती है। हर अध्याय क्रमबद्ध तरीके से साधना की ओर ले जाता है।
इस ईबुक में क्या विशेष है
इस पुस्तक में घृताची अप्सरा का पौराणिक परिचय विस्तार से दिया गया है। वेदों और पुराणों में अप्सराओं का वर्णन समझाया गया है। घृताची की उत्पत्ति कथा और देवलोक में उनका स्थान बताया गया है।
इसके साथ साधना विधि, मंत्र, बीज मंत्र और जप नियम विस्तार से समझाए गए हैं। यंत्र स्थापना, पूजन विधि और दिशा नियम भी शामिल हैं। DivyayogAshram ने इस ग्रंथ को साधकों की वास्तविक आवश्यकता को ध्यान में रखकर तैयार किया है।
साधना के व्यावहारिक अध्याय
- जप संख्या और अनुष्ठान अवधि स्पष्ट की गई है।
- दीप, धूप और सुगंध का महत्व समझाया गया है।
- साधना में आने वाली बाधाओं और उनके समाधान बताए गए हैं।
- स्वप्न संकेत और साधना के लक्षण भी विस्तार से वर्णित हैं।
यह पुस्तक केवल सिद्धांत नहीं, बल्कि व्यवहारिक मार्गदर्शन देती है।
यह पुस्तक किसके लिए है
- जो व्यक्ति आकर्षण शक्ति को संतुलित रूप में विकसित करना चाहता है।
- जो दांपत्य जीवन में मधुरता लाना चाहता है।
- जो आत्मविश्वास और व्यक्तित्व निखार पर कार्य करना चाहता है।
- जो तांत्रिक साधना को समझदारी से सीखना चाहता है।
DivyayogAshram यह स्पष्ट करता है कि यह ग्रंथ जिम्मेदार और सजग साधकों के लिए है।
भावनात्मक और आध्यात्मिक लाभ
- इस साधना से मन में कोमलता आती है।
- स्वभाव में मधुरता और संतुलन विकसित होता है।
- आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
- व्यक्तित्व में सहज आकर्षण प्रकट होता है।
- दांपत्य संबंधों में संवाद बेहतर हो सकता है।
- मन की बेचैनी धीरे धीरे कम हो सकती है।
DivyayogAshram की भावना है कि यह साधना पहले भीतर परिवर्तन लाती है। बाहरी प्रभाव उसी का परिणाम होता है।
पुस्तक की संरचना
यह 229 पृष्ठों का क्रमबद्ध और व्यवस्थित ग्रंथ है। हर अध्याय स्पष्ट शीर्षक और सरल भाषा में लिखा गया है। जटिल शब्दों से बचते हुए साधना को समझाया गया है।
पुस्तक का स्वर भावनात्मक और आध्यात्मिक है। साधक को प्रेरित करने वाला शैलीगत प्रवाह रखा गया है।
DivyayogAshram ने इस ग्रंथ को अध्ययन और अभ्यास दोनों के लिए उपयुक्त बनाया है।
क्यों पढ़ें यह पुस्तक
क्योंकि यह केवल कथा संग्रह नहीं है।
यह साधना मार्गदर्शिका है।
यह पौराणिक ज्ञान और तांत्रिक अभ्यास का संतुलित संगम है।
149 रुपये में 229 पृष्ठों का ऐसा गहन मार्गदर्शन दुर्लभ है।
यह ईबुक आपके डिजिटल संग्रह में सुरक्षित रहेगी।
DivyayogAshram का उद्देश्य ज्ञान को सुलभ बनाना है।
खरीद और सहायता जानकारी
यह ईबुक हिंदी में उपलब्ध है।
पृष्ठ संख्या 229 है।
मूल्य मात्र 149 रुपये है।
सहायता के लिए संपर्क करें:
WhatsApp और Arattai – 7710812329
आप संदेश भेजकर खरीद प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
DivyayogAshram आपकी साधना यात्रा में मार्गदर्शन के लिए सदैव तत्पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या यह पुस्तक शुरुआती साधकों के लिए उपयुक्त है
हाँ, भाषा सरल है और चरणबद्ध मार्गदर्शन दिया गया है।
2. क्या इसमें मंत्र और जप विधि शामिल है
हाँ, मूल मंत्र, बीज मंत्र और जप नियम विस्तार से दिए गए हैं।
3. क्या यंत्र स्थापना की विधि समझाई गई है
हाँ, स्थापना और पूजन प्रक्रिया स्पष्ट रूप से बताई गई है।
4. क्या यह केवल कथा पुस्तक है
नहीं, यह व्यावहारिक साधना मार्गदर्शिका है।
5. क्या इसे मोबाइल में पढ़ा जा सकता है
हाँ, यह डिजिटल ईबुक है जिसे मोबाइल या कंप्यूटर में पढ़ सकते हैं।
6. क्या साधना के लक्षण बताए गए हैं
हाँ, स्वप्न संकेत और साधना के अनुभव विस्तार से दिए गए हैं।
7. यदि समझ में न आए तो क्या करें
आप WhatsApp या Arattai पर 7710812329 पर संपर्क कर सकते हैं।
अंतिम संदेश
“घृताची अप्सरा रहस्य – साधना और सिद्धी” केवल एक ईबुक नहीं है।
यह आत्म संतुलन और आकर्षण ऊर्जा को समझने की यात्रा है।
DivyayogAshram आपको आमंत्रित करता है कि आप इस ज्ञान को जिम्मेदारी और श्रद्धा के साथ अपनाएँ।
जब साधना सही दिशा में होती है, तो जीवन में मधुरता और स्पष्टता दोनों आती हैं।
यदि आप तैयार हैं, तो यह ग्रंथ आपके लिए मार्गदर्शक बन सकता है।


