Emotional Healing ईबुक – भावनात्मक चोटों का इलाज
हर मनुष्य अपने जीवन में कभी न कभी भावनात्मक चोट का अनुभव करता है। यह चोट दिखाई नहीं देती, पर इसका प्रभाव गहरा होता है। अस्वीकार, विश्वासघात, अपमान, असफलता या बचपन की अनदेखी यादें मन के भीतर दब जाती हैं। समय बीत जाता है, पर दर्द कहीं न कहीं बना रहता है। यही दर्द हमारे निर्णयों, संबंधों और आत्मविश्वास को प्रभावित करता है।
“Emotional Healing – भावनात्मक चोटों का इलाज” ईबुक इसी गहरी आवश्यकता को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। DivyayogAshram द्वारा प्रस्तुत यह पुस्तक सरल भाषा में समझाती है कि भावनात्मक घाव कैसे बनते हैं और उन्हें कैसे भरा जा सकता है। इसमें केवल सिद्धांत नहीं, बल्कि व्यावहारिक अभ्यास, आत्मचिंतन के प्रश्न और ध्यान आधारित विधियां दी गई हैं।
यह पुस्तक आपको अपनी भावनाओं को दबाने नहीं, बल्कि समझने की प्रेरणा देती है। जब हम अपने भीतर झांकते हैं और अपने दर्द को स्वीकार करते हैं, तभी उपचार की शुरुआत होती है। यह ईबुक आपके लिए एक साथी की तरह है, जो धीरे धीरे आपको भावनात्मक संतुलन, आत्मप्रेम और आंतरिक शांति की ओर ले जाएगी।
पृष्ठ: 170 | मूल्य: 149/-
भूमिका
क्या आप भीतर से टूटे हुए महसूस करते हैं। क्या पुराने अनुभव आज भी आपको प्रभावित करते हैं। क्या छोटी बात पर भी मन भारी हो जाता है। यह ईबुक आपकी उसी यात्रा के लिए तैयार की गई है। यह केवल ज्ञान नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का माध्यम है। DivyayogAshram द्वारा प्रस्तुत यह 170 पृष्ठों की पुस्तक, भावनात्मक उपचार की गहरी समझ देती है।
इसमें हर प्रकार की भावनात्मक चोट को सरल भाषा में समझाया गया है।
यह पुस्तक आपको बताएगी कि दुख को कैसे पहचानें। कैसे स्वीकार करें। और कैसे धीरे धीरे उससे मुक्त हों।
यह केवल पढ़ने की सामग्री नहीं है। यह आत्मिक परिवर्तन की शुरुआत है।
इस ईबुक में क्या मिलेगा
इस पुस्तक में भावनात्मक घावों की जड़ समझाई गई है।
बचपन की चोट, अस्वीकार का दर्द और विश्वासघात का प्रभाव विस्तार से समझाया गया है।
हर अध्याय में उदाहरण दिए गए हैं।
सरल अभ्यास बताए गए हैं।
ध्यान और आत्मसंवाद के तरीके शामिल हैं।
आप सीखेंगे कि आत्मग्लानि से कैसे बाहर निकलें।
अपराधबोध को कैसे हल्का करें।
और आत्मसम्मान को कैसे पुनः स्थापित करें।
DivyayogAshram ने इस सामग्री को व्यावहारिक बनाया है।
ताकि पाठक तुरंत जीवन में प्रयोग कर सके।
यह ईबुक किनके लिए है
यह पुस्तक उन लोगों के लिए है जो भीतर से थक चुके हैं।
जो बार बार पुराने दुख में उलझ जाते हैं।
उनके लिए जो संबंधों में आहत हुए हैं।
जो स्वयं को दोष देते रहते हैं।
जो आत्मविश्वास खो चुके हैं।
यह पुस्तक युवाओं, गृहस्थों और कार्यरत व्यक्तियों के लिए उपयोगी है।
जो मानसिक शांति चाहते हैं।
यदि आप भावनात्मक संतुलन की खोज में हैं,
तो यह ईबुक आपके लिए है।
पढ़ने के बाद क्या बदलाव संभव हैं
नियमित अध्ययन और अभ्यास से मन हल्का हो सकता है।
आप अपनी भावनाओं को बेहतर समझ पाएंगे।
आप प्रतिक्रिया के बजाय उत्तर देना सीखेंगे।
आपका आत्मविश्वास धीरे धीरे मजबूत होगा।
पुराने अनुभवों का प्रभाव कम होने लगेगा।
संबंधों में स्पष्टता आएगी।
DivyayogAshram का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं है।
बल्कि आंतरिक परिवर्तन की दिशा देना है।
विशेषताएं
- कुल 170 पृष्ठों का गहन मार्गदर्शन
- सरल और समझने योग्य भाषा
- आत्मचिंतन और जर्नलिंग अभ्यास
- ध्यान और श्वास आधारित उपचार विधियां
- संबंध सुधार के व्यावहारिक तरीके
- आत्मप्रेम और स्वाभिमान पर विस्तृत अध्याय
- आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भावनात्मक उपचार
यह पुस्तक भावनात्मक स्वतंत्रता की ओर मार्ग दिखाती है।
मूल्य और उपलब्धता
इस ईबुक का मूल्य केवल 149/- है।
यह डिजिटल प्रारूप में उपलब्ध है।
भुगतान के बाद आपको डाउनलोड लिंक दिया जाएगा।
आप इसे मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर पर पढ़ सकते हैं।
यह एक बार खरीदें और जीवनभर उपयोग करें।
सहायता और संपर्क
यदि आपको पुस्तक से संबंधित कोई प्रश्न हो,
तो आप सीधे संपर्क कर सकते हैं।
Support: WhatsApp & Arattai – 7710812329
हमारी टीम आपकी सहायता के लिए तैयार है।
आपका विश्वास हमारे लिए महत्वपूर्ण है।
DivyayogAshram सदैव आपके साथ है।
यह ईबुक क्यों अलग है
बहुत सी पुस्तकें केवल प्रेरणादायक बातें करती हैं।
पर यह पुस्तक गहराई से कारण समझाती है।
यह बताती है कि भावनात्मक चोट क्यों टिकती है।
और उससे बाहर निकलने की प्रक्रिया क्या है।
यह पुस्तक मनोवैज्ञानिक समझ और आध्यात्मिक दृष्टि का संतुलन देती है।
इसी कारण इसका प्रभाव गहरा है।
खरीदने से पहले जान लें
यह पुस्तक किसी चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं है।
यह आत्मसमझ और भावनात्मक संतुलन का मार्गदर्शन है।
यदि आप सच में परिवर्तन चाहते हैं,
तो यह पुस्तक आपका साथ देगी।
DivyayogAshram का उद्देश्य है कि हर व्यक्ति भीतर से मजबूत बने।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या यह ईबुक केवल आध्यात्मिक दृष्टिकोण पर आधारित है
नहीं। इसमें व्यावहारिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टि भी शामिल है।
2. क्या यह पुस्तक शुरुआती पाठकों के लिए उपयुक्त है
हाँ। भाषा सरल और स्पष्ट रखी गई है।
3. क्या इसमें अभ्यास भी दिए गए हैं
हाँ। हर प्रमुख अध्याय के साथ अभ्यास शामिल हैं।
4. क्या यह ईबुक मोबाइल पर पढ़ी जा सकती है
हाँ। यह डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध है।
5. क्या भुगतान के बाद तुरंत प्राप्त होगी
हाँ। भुगतान के बाद डाउनलोड लिंक दिया जाएगा।
6. क्या यह पुस्तक आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करेगी
नियमित अभ्यास से सकारात्मक बदलाव संभव है।
7. सहायता के लिए किससे संपर्क करें
WhatsApp और Arattai पर 7710812329 पर संपर्क करें।
अंतिम संदेश
भावनात्मक घाव दिखते नहीं हैं, पर गहरे होते हैं।
उन्हें अनदेखा करने से वे मिटते नहीं।
उन्हें समझने, स्वीकार करने और भरने की आवश्यकता होती है।
यह ईबुक उसी दिशा में आपका मार्गदर्शन करेगी।
DivyayogAshram का विश्वास है कि हर व्यक्ति भीतर से मजबूत बन सकता है।
आपकी भावनाएं महत्वपूर्ण हैं।
आपका मन शांति का अधिकारी है।
आज ही इस 170 पृष्ठों की यात्रा को शुरू करें।
केवल 149/- में अपने जीवन में भावनात्मक संतुलन लाएं।
अपनी आंतरिक स्वतंत्रता की ओर पहला कदम उठाएं।

