औघड़ (अघोर) शिव दीक्षा: भय, भ्रम और बाधाओं से पूर्ण मुक्ति का मार्ग
Aghor Shiva Deeksha शिव का मार्ग सरल नहीं, पर सच्चा है. यह मार्ग दिखावा नहीं चाहता. यह भीतर की सच्चाई, निर्भयता और आत्मस्वरूप की पहचान सिखाता है. औघड़ शिव दीक्षा साधक को अघोर tradición की शुद्ध ऊर्जा से जोड़ती है. अघोर का अर्थ शुद्ध चेतना, निष्कपटता और भीतर की प्रकाश शक्ति है. इस मार्ग में भय नहीं, द्वंद्व नहीं, केवल सत्य और अनुभव है.
DivyayogAshram इस दीक्षा को पारंपरिक तरीके से प्रदान करता है. दीक्षा के बाद साधक के अंदर संभाल, स्थिरता और शक्ति का प्रवाह महसूस होता है. मन का बोझ कम होता है और साधक अपने भीतर के शिव से जुड़ना शुरू करता है. यह दीक्षा ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यम से ग्रहण की जा सकती है. इस दीक्षा के साथ साधक मंत्र सिद्ध माला भी प्राप्त कर सकता है.
Benefits of औघड़ शिव दीक्षा
- भय और असुरक्षा का अंत
- मन में अपार स्थिरता
- नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा
- आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि
- क्रोध और आवेग का संतुलन
- गहरी ध्यान अवस्था का अनुभव
- जीवन में स्पष्टता और निर्णय क्षमता
- आत्मशक्ति और आंतरिक तेज जागरण
- दुःख और मानसिक बोझ से मुक्ति
- अहंकार और भ्रम का गलना
- आत्मा की शक्ति का अनुभव
- सिद्ध शक्ति साधना में सहायता
- बाधाओं और शत्रु नाश शक्ति
- मन का शुद्धीकरण
- निरोगी और ऊर्जावान अनुभव
- साधना में तेज प्रगति
- अनाहत शांति और संतोष
- कर्म शुद्धिकरण
- साधक का ऊर्जा कवच मजबूत
- जीवन में दिव्य मार्गदर्शन
दीक्षा की जरूरत क्यों होती है
अघोर मार्ग गहरा है. अकेले प्रयास करने से भ्रम और मानसिक दबाव आ सकता है. दीक्षा से:
- गुरु शक्ति का संरक्षण मिलता है
- ऊर्जा शरीर सुरक्षित होता है
- मन दिशा पाता है
- गलत प्रयोग से बचाव होता है
- साधना शक्तिशाली और प्रभावी बनती है
दीक्षा the foundation है. इसके बिना अघोर साधना अधूरी होती है.
Diksha Muhurth
- महाशिवरात्रि
- अमावस्या
- सोमवार
- प्रदोष
- गुरु पुष्य
- सूर्योदय समय
जरूरत अनुसार अन्य शुभ समय भी चुना जा सकता है.
दीक्षा ऑनलाइन या ऑफलाइन उपलब्ध है.
Niyam (Rules)
- सत्य, सरलता और निर्विकार भाव
- किसी को हानि न पहुँचाएँ
- नकारात्मक कर्म और विचार न रखें
- सत्विक भोजन और मन की पवित्रता
- ध्यान, श्वास और मौन अभ्यास
- गुरु निर्देश का सम्मान
- विनम्रता और संयम
औघड़ का अर्थ उग्र नहीं, सहज और निर्भय होता है.
Who Can Receive This Diksha
- सच्चे साधक
- मानसिक रूप से स्थिर व्यक्ति
- ध्यान और शिव-मार्ग प्रेमी
- भय, दुख या असुरक्षा से जूझ रहे लोग
- जो आत्म शक्ति और सत्य अनुभव चाहते हैं
- गृहस्थ भी ले सकते हैं
उम्र 20 वर्ष से ऊपर.
पति-पत्नी साथ लें तो ऊर्जा संयुक्त होती है.
दीक्षा ऑनलाइन या ऑफलाइन उपलब्ध.
मंत्र सिद्ध माला भी दी जाती है.
FAQs
1. क्या यह दीक्षा सुरक्षित है?
हाँ, यह दिव्य और संरक्षित परंपरा है.
2. क्या गृहस्थ इसे ले सकते हैं?
हाँ, यदि मन सच्चा और संतुलित हो.
3. क्या दीक्षा के बाद विशेष साधना मिलेगी?
हाँ, आपको निर्देश और मंत्र मिलेगा.
4. क्या इस साधना में तंत्र का प्रयोग है?
हाँ, पर पवित्र और नियंत्रित रूप में.
5. क्या कोई विशेष आहार जरूरी है?
सत्विक भोजन श्रेष्ठ है.
6. क्या तुरंत अनुभव होता है?
कई साधक तुरंत ऊर्जा अनुभव करते हैं.
7. क्या मैं यह दीक्षा ऑनलाइन ले सकता हूँ?
हाँ, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प हैं.
अंत मे
औघड़ शिव दीक्षा साधक को भीतर के अपरिमित तेज से जोड़ती है. यह मार्ग भय को नहीं, बल्कि सत्य को बुलाता है. DivyayogAshram इस दीक्षा को परंपरा और पवित्रता से प्रदान करता है.
यदि आप आत्मस्वरूप को जानना चाहते हैं और भीतर की शक्ति को सक्रिय करना चाहते हैं, यह दीक्षा आपके लिए है. इस दीक्षा को ऑनलाइन या ऑफलाइन ग्रहण करें. साथ में मंत्र सिद्ध माला भी उपलब्ध है.


